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Sampling every day life

कस्तूरी

  • तेरी कस्तूरी की महक को याद करता हूँ,
  • सोचता हूँ के अब ज़िंदगी है क्या और है क्यों,
  • दिल कहे के जो पल तेरे साथ थे बीते वही थी ज़िंदगी,
  • रब कहे के दिल में जब तक थी उम्मीद वही थी बंदगी,
  • मैंने रब्ब छोड़ हर तेरी मुस्कराहट को ज़िंदगी बनाया,
  • तेरी हर आदत, हर ख़ुशी को दिल से अपनाया,
  • फिर क्यों आज तेरी कशमकश से झूझ रहा हूँ,
  • क्यों तू दूर है, क्यों ना चाह कर भी मुस्कुरा रहा हूँ,
  • एक आखिरी तमन्ना है फिर से तुझे छु लेने की,
  • छु तो लूँ पर सपनों में फिरसे तेरी कस्तूरी की महक को…