NiQuest
Sampling every day life

इनायत

  • किसने कहा है के रोना सिर्फ आँखों को ही आता है,
  • दुआएं हमारे हाथों में छुप कर अक्सर मन हल्का कर लेती हैं।


  • कितनी परवाह करते हो उनकी, पुछा किसी ने हमसे,
  • उनके अश्क़ भी हमारी आखों में मेहफ़ूज़ रहते हैं, इतनी।


  • लोगों ने हाथ फैला के माँगा - रोटी, कपड़ा, मकान,
  • और हमनें? नीयत!


  • आँखें जब से हुईं परायी मेरी,
  • रहा ना कुछ हिस्से में मेरे।