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Sampling everyday life

सादगी

  • सलामत रहे प्रीत मेरे ऐब न देख,
  • जुड़ा जब से दिल तुझसे आईना भी नुक्स देख रहा है।

  • बेकदर हो इसको हमने बहुत पहले ही अपना लिया था,
  • मगर दिल उदास था तेरी नाकोशिश देख के।

  • लोग अच्छों की ढूंढते हैं और हम हैं ऐबों से भरपूर,
  • इक बुराई हमारी ये भी है कि हम बिना सोचे निभा भी लेतें हैं।

  • सूखी स्याही को नमी दे रहें हैं अश्क़ हमारे,
  • उन्हें भुला भी दे ए-दिल-ए-नादान जिन्हें अल्फ़ाज़ों का मोल नहीं।


  • मिलने आ जाओ ना किसी बहाने से तुम,
  • उजड़े हुए दिल को बाहार में भी तेरी कमी है।

  • मज़हब की परिभाषा है प्यार का होना,
  • प्यार का ना होना तोह खुदा को भी कबूल नहीं।

  • भूली हुई यादों को पलकों पे ही रखा करतें हैं हम,
  • कभी बाहार ना हुई ज़िंदगी में तोह आँखों में भर लेंगे इन्हें।

  • हमारे अश्क़ आँखों की दहलीज़ नहीं लांघते कभी,
  • ये भी तेरा ही कमाल है कि इनको हमारी गालों से मोहब्बत जो हो गयी।